Saturday, June 13, 2009

हाथी को हंसी आती है?


गैंडे को गुदगुदी होती है वाले पोस्ट में मैंने यों ही मजाक के तौर पर पूछ लिया था कि कोई जानना चाहेगा, हाथी को हंसी आती है? कुदरतनामा की पाठक अल्पना वर्मा ने वही बात पकड़ ली और कह दिया, हां हम जरूर जानना चाहेंगे कि हाथी को हंसी आती है, या नहीं। फंस गया न मैं अपनी ही चालाकी में? अब इसका मैं क्या जवाब दूं? पर जवाब तो देना ही पड़ेगा, वरना अल्पना जी को क्या मुंह दिखाऊंगा? तो शुरू कर दी इंटरनेट और पुस्तकालयों में घनघोर खोजबीन। पर खाली हाथ ही लौटना पड़ा। कहते हैं इंटरनेट पर करोड़ों जाल स्थल हैं, पर एक भी जाल स्थल में मुझे इस रहस्य का खुलासा नहीं मिला कि हाथी को हंसी आती है, या नहीं। जिस पुस्तकाल में गया उसमें हजारों पुस्तकें थीं, पर एक में भी एक पन्ने भर की सामग्री नहीं थी इस पर कि हाथी को हंसी आती है या नहीं।

पर यह सब रिसर्च व्यर्थ भी नहीं गया। मुझे हाथी को हंसी आती है या नहीं इसका तो पता नहीं चल सका, पर हाथी हमें हंसा सकता है, इसके भरपूर प्रमाण मिले। तो इसे ही आपके समक्ष पेश करता हूं, और मेरी इस विफलता के लिए अल्पना जी से क्षमा मांगता हूं।
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शिशु हाथी को कब दूध पिलाना चाहिए?

जब वह शिशु हाथी हो!

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गणित में कमजोर हाथी को आप क्या कहेंगे?

डंबो!

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ऐसी कोई चीज बताइए, जो धीमे-धीमे ऊपर जाती है, पर बहुत जल्दी नीची आ जाती है।

हाथी को ले जा रहा लिफ्ट!

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दो सूंड़, आठ पैर और दो पूंछ किसके हो सकते हैं?

दो हाथियों के!

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वह क्या चीज है जो हाथी जितनी ही बड़ी है, पर उसका बिलकुल वजन नहीं होता?

हाथी की परछाई।

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हाथी और डाक पेटी में क्या अंतर है?

मुझे नहीं मालूम।

तब मैं चिट्टी पोस्ट करने का काम तुम्हें कभी नहीं दूंगा, न जाने उसे कहां डाल
आओगे!

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हाथी और चूहे को अलग पहचानने का कोई तरीका?

उन्हें उठाकर देख लीजिए।

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अफ्रीकी हाथी और भारतीय हाथी में क्या अंतर है?

लगभग 3000 किमी का।

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एक आदमी सिर पर हाथी को लिए डाक्टर के पास गया।

डाक्टर – तुम्हें मदद की जरूरत है।

हाथी – हां बिलकुल, इस आदमी को मेरे पैरों से निकालिए।

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दोनों कानों में एक-एक केला ठूंसे हुए हाथी को आप क्या कहेंगे?

कुछ भी कह लीजिए, उसे सुनाई नहीं देगा, इसलिए आप बचे रहेंगे।

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एके-47 से लैस हाथी से आप क्या कहेंगे?

हुजूर, जो आज्ञा आपकी!

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एके-47 से लैस हाथी आपसे क्या कह सकता है?

वह कुछ भी कह सकता है, किसकी मजाल उससे बहस करने की?

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उस व्यक्ति को आप क्या कहेंगे, जिसके सिर पर एक हाथी हो?

चटनी!

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हाथी के दो सूंड़ कब होते हैं?

जब दो हाथी हों!

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एक आदमी अपने खेतों पर गुलाल छिड़क रहा था।

उसके पड़ौसी ने पूछा, ऐसा क्यों कर रहे हो?

उसने कहा, हाथियों को दूर रखने के लिए।

पड़ौसी - पर यहां तो हाथी हैं ही नहीं।

आदमी – है न तरीका कारगर!

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थिएटर में हाथी आपके आगे बैठा हो तो क्या होगा?

हाथी को ही देखते रहना पड़ेगा, पिक्चर दिखने से रहा!

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हाथी और चींटी में कौन ज्यादा शक्तिशाली है?

चींटी, वह हाथी को काट सकती है, पर हाथी चींटी को नहीं!

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हाथी ने अपने नाखूनों पर लाल नेलपालिश क्यों लगाया?

क्योंकि वह टमाटर की झाड़ियों में छिपना चाहता था।

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आपको कैसे पता चलेगा कि आपके पलंग के नीचे हाथी है?

आपकी नाक छत से रगड़ने लगेगी!

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हाथी कार से बाहर कैसे आया?

जैसे वह अंदर घुसा था!

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नैनो कार में आप कितने हाथियों को बिठा सकते हैं?

चार, दो आगे, दो पीछे।

और कितने आदमियों को?

एक भी नहीं, उनके लिए अब जगह नहीं बची होगी।

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माचिस की डिबिया में आप हाथी को कैसे रखेंगे?

सबसे पहले उससे सब तीलियां निकाल लें।

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वह क्या है जो पांच टन भारी है, काला है और ध्वनि से भी तेज गति से जा रहा है?

जेट विमान में बैठा हाथी!

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चुन्नू – आज मुझे बहुत कठिन होमवर्क मिला है। मुझे हाथी पर एक निबंध लिखना है।

मुन्नू – सबसे पहले एक सीढ़ी का इंतजाम कर लो।

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टीचर – किसी जंगली जानवर का नाम बताओ।

चुन्नू - हाथी।

टीचर – शाबाश! अब एक और बताओ।

चुन्नू – एक और हाथी!

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टार्जन जब घर पहुंचा तो बहुत थका था।

जेन ने पूछा – क्या हुआ?

टार्जन – पेड़ों पर हाथियों का पीछा कर रहा था।

जेन – मैं तो सोच रही थी हाथी जमीन पर रहते हैं!

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हमला करते जंगली हाथियों को देखने का सबसे सुरक्षित तरीका क्या है?

डिस्कवरी पर देखना!

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चिड़ियाघर का हाथी मर गया था। उसके पिंजड़े के पास बैठे चिड़ियाघर का एक कर्मचारी रो रहा था।

चिड़ियाघर देखने आए एक व्यक्ति ने एक दूसरे कर्मचारी से पूछा, क्या मरे हाथी से इसे बहुत लगाव था?

वह कर्मचारी - ऐसी बात नहीं है। हाथी को दफनाने के लिए गड्ढा खोदने का काम इसे मिला है।

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15 comments:

अजय कुमार झा said...

adbhut..जी एक dam kamaal है..haathee का तो पता नहीं हम जरूर पढ़ पढ़ कर hans hans कर haathee हो गए...बहुत ही अलग andaaj में likhaa आज आपने..dilchasp ..मजा आ गया..haathee की कसम..

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

सुब्रमणियम जी, आपके हाथी ने तो हँसाने में कोई कसर नहीं छोडी......

Shefali Pande said...

हाथी ने तो हंसाते हँसाते लोट पोट कर दिया
वैसे आपको बधाई आज आपके ब्लॉग से अमर उजाला में आया है

महेन्द्र मिश्र said...

आपका हाथी तो हंस रहा है . ....... और हाथी पर जोग क्या कहने . आनंद आ गया .

गिरिजेश राव said...

इत्ती सी बात, इस नाचीज से पूछ लेते !
समूची ज्ञात सृष्टि में केवल मनुष्य ही हँस पाता है क्यों कि हँसाने वाली पेशियाँ और उनको उत्प्रेरित करता तंत्रिका तंत्र केवल मनुष्य में पाया जाता है।

हाँ, डिज्नी की फिल्मों के एनीमेटेड जीव जरूर हँसते हैं.

इतना लिख दिया जैसे तैसे हँसी रोकते हुए। अब तस्सली से हँस लें तो आगे की बात हो।

राज भाटिय़ा said...

सुब्रमणियम जी,आप ने सारा ग्याण आज ही बांट दिया, बहुत अच्छा लगा, लेकिन पेट मे जो बल पडे है इन्हे कोन सीधा करेगा??

Nitish Raj said...

सुब्रमणियम जी, एक साथ इतना हंसना कि पेट दर्द हो जाए ये ठीक नहीं है। हां इस आदमी को मेरे पैरों से निकालो। हा हा, बहुत बढ़िया।

सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi said...

पश्चिमी देशों में हाथी को जंगल का राजा माना जाता है। इनमें से अधिकांश चुटकुले शायद इसी कारण पश्चिमी सोच के साथ जुड़े नजर आते हैं। वहां तो हाथी को जंगल का राजा भी समझा जाता है। भारत में हाथी का गुणगान नहीं होकर उसे भार ढोने वाला जीव ही समझा गया है। हमारे यहां जैसे शेर को लेकर चुटकुले और कहानियां हैं वैसे पश्चिम में हाथी को लेकर चुटकुले हैं। :)

गिरिजेश जी ने भी खूब बताया कि प्राणीजगत में सिर्फ इंसान ही मुस्‍कुरा सकता है। चुटकुला चाहे किसी पर भी हो, लेकिन यह मुस्‍कुराना बंदर से प्रेरित बताया जाता है। खतरे या दुख के समय बंदर के चेहरे की ठीक वही मांसपेशियां हरकत में आती हैं जो हंसते समय इंसान के चेहरे पर आती हैं। इंसान की तरह बंदर भी अपने दुख को प्रकट नहीं करने का कोशिश करता है। इसे बंदर की हंसी कहते हैं। हम दो कारणों में हंसते हैं सुख में और पूर्वाग्रह टूटने पर । आपके दिए सभी चुटकुलों में हर बार पूर्वाग्रह पर चोट होती है और हम हंस पड़ते हैं। इंसान के अलावा और किसी जानवर को हंसने का सुख नहीं मिला है।

गजल सम्राट जगजीत सिंह ने एक बार पूछा भी था
तुम जो इतना मुस्‍कुरा रहे हो क्‍या गम है जिसको छुपा रहे हो :)

एक मुफ्त की सलाह -
इतने सारे ऑरिजिनल चुटकुले पहली बार पढ़े हैं। अपने तेज तर्रार कलम के साथ एक चुटकुले का ब्‍लॉग भी शुरू कर दीजिए। शुरू होते ही टॉप रेटिंग में आ जाएगा। :)

बालसुब्रमण्यम said...

सिद्धार्थ जी: हाथी को भारवाहक पशु के रूप में ही नहीं देखा गया है भारत में। गणेश जी को भूल गए? और टैंकों के आने से पहले, हाथी युद्ध में कहर ढानेवाला खौफनाक युद्ध-यंत्र भी था। चाहें चंद्रगुप्त मौर्य हो या अकबर, या अंग्रेज ही, उनके युद्धों में विजय का एक कारण युद्धक हाथी भी रहे हैं। दक्षिण के मंदिरों में हाथी को मंदिर की रीति-रस्मों का एक अहम भाग बनाया गया है।

हाथी शान का सिंबल भी है। घर के आगे हाथी झूमता रहे, तो जमींदार का रुतबा बढ़ता था, ठीक वैसे ही जैसे आजकल घर के आंगन में एक करोड़ का मरसिडीस खड़ा रहे, तो रईसों का रुतबा बढ़ता है।

पश्चिम में हाथी को काफी कैरिकैचराइस किया गया है। उन्हें यह बैडौल जानवर हंसने योग्य जान पड़ा है। वहां हाथी सरकसों और चिड़ियाघरों के माध्यम से ही लोगों के मानस में जगह बना पाया है। सरकसों में हाथी से बेहूदा और हंसानेवाले करतब करवाए जाते थे। इसलिए उनके मन में हाथी की छवि एक क्लाउन (विदूषक) की है। हमारी तरह हाथी की ताकत, बुद्धि और गौरव को उन्होंने नहीं देखा है।

ये सारे चुटकुल मेरे सोचे हुए नहीं हैं, बल्कि जैसा कि मैंने लेख के शुरू में बता दिया था, इंटनेट से लिए हुए हैं। इसीलिए उनमें पश्चिमी फ्लेवर नजर आ रहा है।

हाथी पर भारतीय मानस ने भी खूब लिखा है। मेरे दूसरे ब्लोग केरल पुराण में ऐतीह्यमाला की कहानियों में अनेक गज कथाएं आएंगी। उनमें हाथी को भारतीय नजरिए से देखा गया है।

अल्पना वर्मा said...

हाथी को हंसी आती है या नहीं?
आप की इस पोस्ट में ही टिप्पणियों में जवाब मिल गया ..शुक्रिया सिद्धार्ध जी और गिरिजेश जी का.
और आप ने हाथी के इतने सारे चुटकले पढ़वा दिए,सुबह खिल के मुस्करा उठी.शुक्रिया Sir.

अनिल कान्त : said...

bhai majedar post
mazaa aa gaya :)

सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi said...

बालसुब्रमण्यमजी

भार ढोने वाले पशु के स्‍थान पर आप पालतू पशु पढ़ें तो शायद मेरी बात अधिक स्‍पष्‍ट हो जाएगी। मेरा अर्थ यही था कि भारतीय जनजीवन से हाथी अधिक जुड़ा है। वहीं पश्चिम में यह अनजान प्राणी है जो जंगल पर शेर की तर्ज पर राज करता है। अपने डील डौल और ताकत के साथ। इसीलिए जब हम कहते हैं शेर सुनने में मजा आता है सुनाने में मजा आता और सामने आ जाए तो...
इसी तरह पश्चिम में हाथी है। :)

सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi said...

एक फरमाइश भी। गज कथाएं शीघ्र शुरू की जाएं :)

Anonymous said...

हाथी की हसीँ कोई बता नहीँ सकता क्योँकि उसे सुन कर बैहरे हो जाते हैँ ।
मनोज

Dipak Mashal said...

But this website suggests that elephants can laugh, it's a different thing that they don't have the facial muscles to express this feeling and certainly elephant is one of the very rare animals who can laugh.
http://elephant.elehost.com/About_Elephants/about_elephants.htm

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