Tuesday, June 30, 2009

पूंछ नहीं छोड़ेंगे हम!

6 comments:

संगीता पुरी said...

हमलोगों की तरह हाथ पकडकर तो चल नहीं सकते !!

अल्पना वर्मा said...

:) Rochak!

संजय बेंगाणी said...

भाईचारा है भई.

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर,

P.N. Subramanian said...

बहुत सुन्दर.उनके दिमाग की दाद दें.

Udan Tashtari said...

हा हा!! बढ़िया ..गाना भी चल रहा होगा...साथी हाथ बढ़ाना कि जगह...हाथी पूंछ बढ़ाना..एक अकेला थक जायेगा.

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