Sunday, June 28, 2009

स्थल और जल का अद्भुत प्राणी सील


सील एक अद्भुत समुद्री स्तनधारी जीव है। वह प्रायः ठंडे प्रदेशों के समुद्री हिस्सों में मिलती है। सीलों के दो वर्ग होते हैं, बाहरी कान वाली सीलें (इयर्ड सील) और लोम वाली सीलें (फर सील)।

सील को शीत से जमा हुआ समुद्री स्थान बहुत पसंद है। सील जब ठंडे पानी में डुबकी लगाती है तो उसी समय उसके हृदय के धड़कने की गति धीमी हो जाती है, जिससे उसके फेफड़ों में मौजूद आक्सीजन अधिक देर चलती है। वह प्रत्येक 10 या 12 मिनट बाद पानी के बाहर सांस लेने आती है। सील पानी में सो भी सकती है। जब सांस लेनी हो, तो नींद से जागे बगैर अनायस सतह पर उठ आती है।

उसके जैसा एक अन्य समुद्री स्तनधारी जल सिंह (सी-लयन) है। उसमें बाहरी कान होते हैं। उसके अगले पैर यद्यपि चप्पुओं में बदल चुके हैं, वह उन्हें आगे की ओर मोड़ सकता है जिससे वह चट्टानों पर चढ़ भी सकता है।

सील सारे वर्ष भोजन और गरम जलवायु की तलाश में समुद्र में घूमती रहती है, पर निर्धारित समय किसी समुद्री टापू के निर्धारित जगह पर बच्चे देने पहुंच जाती है। उसके बच्चे जन्म के समय 7 किलोग्राम तक के हो सकते हैं। जन्म के प्रथम वर्ष में बच्चे का वजन सबसे ज्यादा बढ़ता है। सील की आयु करीब 12 वर्ष होती है।

मनुष्यों की बढ़ती आबादी, सैलानियों की भीड़ और इनकी चर्बी, खाल और मांस की अत्यधिक मांग होने से सील जाति के प्राणियों की संख्या घटने लगी है। उदाहरण के लिए सील और जल सिंह एक समय आस्ट्रेलिया के पश्चिमी तट पर काफी सामान्य थे। उनके लिए एडिलिडी (आस्ट्रेलिया) में संरक्षण उद्यान भी बनाया गया था। आस्ट्रेलिया का कंगारू टापू पहले जल सिंह की वजह से ही सैलानियों को आकर्षित करता था। पर अब सीलों की घटती हुई संख्या के कारण वहां का आकर्षण कम होता जा रहा है। इसी टापू से यूरोप के लिए सीलों के मांस, चर्बी, खाल आदि का निर्यात होता है।

सीलों पर मनुष्यों ने बहुत अत्याचार किया है। इन्हें चर्बी और खाल के लिए लाखों की संख्या में बड़े ही निर्दयी तरीके से मारा जाता है। इनके नवजात शिशुओं तक को नहीं बख्शा जाता है। इस हत्याकांड के कारण बहुत सी सीलों की संख्या बहुत ही कम हो गई हैं। कई विलुप्ति की कगार पर खड़े हैं, और कई विलुप्त भी हो चुके हैं।

मनुष्य के अलावा सील के अनेक शत्रु हैं, जैसे सफेद भालू, किलर ह्वेल, शार्क मछली, आदि। कभी-कभी सीलों के शरीर पर शार्क के काटे के निशान देखई देते हैं, जो शार्कों के साथ हुई भयानक मुठभेड़ की जीती-जागती छाप होती हैं।

3 comments:

अल्पना वर्मा said...

विलुप्ति की कगार पर खड़े सीलों पर बहुत अच्छी जानकारी है.

राज भाटिय़ा said...

इसे रुस ओर कई अन्य देशो मै जहां यह पाये जाते है बडी बेरहमी से मारा जाता है, जिसे देख कर दिल दहल जाता है, लेकिन यह जानवर बहुत शरीफ़ ओर प्यारा होता है, बाकी अल्पना जी की बात से सहमत हुं

परमजीत बाली said...

सीलों पर बहुत अच्छी जानकारी है.आभार।

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