Monday, June 15, 2009

सब्जी नहीं फल है टमाटर


टमाटर को लोग सब्जी समझते हैं, पर वह है दरअसल फल। यह विवाद एक बार अमरीका के उच्च न्यायालय के सामने भी आया था। न्यू यार्क के सीमा कर अधिकारियों ने वेस्ट इंडीज से आयातित टमाटरों को सब्जी मानकर उन पर सीमा कर लगाया। लेकिन आयातकों ने टमाटर को फल बताकर यह मांग की कि उनके टमाटरों को बिना कर देश में आने दिया जाए। अंत में मुख्य न्याधीश ने वनस्पतिविदों की राय लेकर निर्णय सुनाया कि टमाटरों को बिना शुल्क देश में आने दिया जाए क्योंकि वे भी ककड़ी, मटर, लोभिया, आदि की ही भांति फल हैं, हालांकि उन सबको आम बोलचाल में सब्जी ही कहा जाता है।

आजकल टमाटर का घर-घर में उपयोग होता है, लेकिन कुछ ही शताब्दी पहले बहुत कम लोग उसके बारे में जानते थे। वे भी उसे जहरीला समझकर खाते नहीं थे। सर्वप्रथम टमाटर की खेती करनेवाले दक्षिण अमरीका के निवासी थे। टमाटर वहां के शुष्क प्रदेशों में वन्य अवस्था में उगता है। मेक्सिको के स्थानीय भाषाओं में टमाटर को टमाटल कहा जाता है। इसी शब्द से अन्य भाषाओं में इस फल का नाम बनाया गया है।

टमाटर को जिस पौध-परिवार में रखा गया है, उसमें दो अन्य उपयोगी पौधे भी हैं --तंबाकू और आलू। इस परिवार के अनेक पौधे अत्यंत जहरीले होते हैं। इसी कारण शुरू में लोग टमाटर को भी जहरीला मानते थे। लेकिन टमाटर में जो जहर पाया जाता है, वह बहुत क्षीण प्रकार का होता है। मुख्यतः वह पत्तियों और अपरिपक्व हरे फलों में रहता है। जैसे-जैसे फल पकता जाता है, उसमें मौजूद जहर भी नष्ट होता जाता है। इस जहर को यदि गलती से खा लिया जाए, तो भी कुछ अधिक नुक्सान नहीं होता।

भोजन भट्टों में टमाटर अत्यधिक लोकप्रिय होते हुए भी, पोषण विशेषज्ञ उसे हिकारत की दृष्टि से देखते हैं। कारण यह है कि टमाटर में कोई भी आवश्यक पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं होता। विटामिन ए के मामले में टमाटर की स्थिति सभी फलों और सब्जियों में सोलहवीं है, जबकि विटामिन सी के मामले में तेरहवीं। लेकिन टमाटर के उपासक टमाटर विटामिन के लिए थोड़े ही खाते हैं, वे तो उसके स्वाद के कायल हैं। और स्वाद के मामले में टमाटर कोई सानी नहीं रखता। सूप, सलाड या सॉस जैसे अनेक लार टपकानेवाले व्यंजनों में टमाटर जैसे अनिवार्य है।

टमाटर इसलिए भी लोकप्रिय है क्योंकि उसे उगाना बहुत आसान है। वह विभिन्न प्रकार की जमीनों और तापमान वाले क्षेत्रों में पनपता है। हां, टमाटर का पौधा अत्यधिक ठंड बरदाश्त नहीं कर सकता। फलों को पकने के लिए प्रतिदिन दस घंटे का सूर्यप्रकाश आवश्यक है।

भारत में टमाटर की खेती पिछली शताब्दी के प्रारंभ में शुरू हुई। अब तो वह व्यापक रूप से उगाया जाता है, विशेषकर बड़े शहरों के आस-पास। भारत में टमाटर वर्ष भर उगाया जाता है क्योंकि देश के किसी-न-किसी हिस्से में उसके लिए अनुकूल मौसम मौजूद होता है। पहाड़ी इलाकों में मध्य मार्च से लेकर जून तक बीज बोए जाते हैं। मैदानों में तीन फसलें निकाली जाती हैं। अधिकांश स्थानों में टमाटर के एक या दो महीने बड़े पौधों को खेतों में रोपा जाता है।

टमाटर की जड़ें काफी गहराई तक फैलती हैं। बालुई मिट्टी में जड़ें तीन मीटर की गहराई तक उतरती हैं। पत्तियां गाढ़े हरे रंग की और बालनुमा संरचनाएं लिए होती हैं। उनसे एक आकर्षक सुगंध भी छूटती है। जब पौधा कुछ बड़ा हो जाता है, तो उसको सहारा देने के लिए लकड़ी की बैसाखियां लगा दी जाती हैं। यह आवश्यक है क्योंकि यदि फल जमीन छू जाएं तो वे सड़ने लगते हैं। फलों को पूरा पकने के लिए डेढ़ से दो महीना लग जाता है। जैसे-जैसे फल परिपक्व होते जाते हैं, उनका हरा रंग भी उतरता जाता है। सात-आठ दिनों के बाद फल पूरे लाल हो जाते हैं। पके टमाटर बड़ी जल्दी खराब होते हैं। इसलिए लंबी दूरी तक ले जाना हो तो उन्हें तब तोड़ा जाना चाहिए जब वे गुलाबी रंग के हों, वे बाद में अपने-आप पक जाएंगे। उन्हें अधिक समय तक शीतगृहों में नहीं रखना चाहिए। कम तापमान में रखने से उनके अंदर का गूदा बिगड़ने लगता है।

फल लग जाने के बाद टमाटर का पौधा बहुत कमजोर हो जाता है। अतः अधिकांश खेतिहर नई फसल नए सिरे से बीज बोकर निकालते हैं। फल देने के बाद पौधे का जो अंश बचा रहता है, उसमें बहुत अधिक प्रोटीन होता है। उसे चारे के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

टमाटर के कुछ अन्य उपयोग भी हैं। फिल्मों के दर्शक डिशूम-डिशूम वाले दृश्यों का भरपूर आनंद टमाटर की बदौलत ही ले पाते हैं। खलनायक के शरीर से खून की जो नदियां बहती हैं, वह वास्तव में टमाटर केचप ही तो होता है। भाषणबाज नेताओं का मुंह बंद करने का सबसे कारगर उपाय भी टमाटर ही है। दो-चार सड़े-गले टमाटर उनकी ओर उछाल भर दिजिए, उनकी बोलती तुरंत बंद हो जाएगी।

5 comments:

अजय कुमार झा said...

sir ,,mujhe to lagtaa hai ki aapke is vishisht blog aur lekhan kee charchaa jaldee hee hindustan ke ravish bhai ke coloumn mein bhee honee chaaiye..badhiya jaankaaree..

हिमांशु । Himanshu said...

बहुत ही खूबसूरत जानकारियाँ उपलब्ध कराते हैं आप यहाँ । अत्युत्तम ।

अल्पना वर्मा said...

tamatar ke bare min yah jaanakri to thi ki wah ek fruit hai--kyonki Botany padhi hai..

1-ek baat yah bhi bata dena chahti hun ki Tamaatar mein Anti-cancerous properties hoti hain..wah bhi = tamatar ki 'cooked form' mein jyada!--jaise ketchup/tomato sauce--

2-green tomatoes are good skin lightener -so can use its juice on skin.Also green tomatoes are very good those who want to loose weight.it is a negative calory food.

-tamatar ko paste bana kar sabziyon mein use karna jyada achcha hota hai..

abhaar.

P.N. Subramanian said...

टमाटर के बारे में अच्छा ज्ञान वर्धन हुआ. आभार

Udan Tashtari said...

सब्जी कहो या फल-है काम का!! और आलेख तो अच्छा है ही!!

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